अजिंक्य रहाणे दे रहे भारत की महिला क्रिकेटरों को टिप्स, हरमन बोलीं- अब तैयार हैं हम

ब्रिस्टल. भारतीय टेस्ट टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) अपने खेल पर तो ध्यान दे ही रहे हैं, साथ ही महिला खिलाड़ियों को भी टिप्स दे रहे हैं. महिला टीम की उप-कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सात साल में पहला टेस्ट खेलने की तैयारी कर रही भारतीय महिला क्रिकेट टीम मेजबान इंग्लैंड की मजबूत टीम का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार है, खास तौर पर रहाणे से टिप्स मिलने के बाद.

भारत और इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीमों के बीच एकमात्र टेस्ट यहां बुधवार से खेला जाएगा जिसके साथ मेहमान टीम के ब्रिटेन के पूर्ण दौरे की शुरुआत होगी. भारत को इस दौरे पर वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी खेलने हैं. हरमनप्रीत ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मैंने लाल गेंद से काफी क्रिकेट नहीं खेला है, मैंने सिर्फ दो टेस्ट खेले हैं. इस बार हमें अजिंक्य रहाणे से बात करने का मौका मिला, हमने उनकी बातें सुनकर समझा कि लंबे फॉर्मेट में कैसे बल्लेबाजी करनी है, हम मानसिक रूप से तैयार हैं.’

हरमनप्रीत सीमित ओवरों के फॉर्मेट की सफल बल्लेबाज हैं और अब वह पारंपरिक फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ना चाहती हैं. उन्होंने कहा, ‘हम नेट पर भी सही मानसिकता के साथ उतरने का प्रयास करते हैं. जब आप खुश होते हो तो आप अच्छा क्रिकेट खेलते हो. हम अपने मजबूत पक्षों के अनुसार खेलने का प्रयास करते हैं. हमने रहाणे के साथ बात की, वह काफी अनुभवी हैं, हमने उनसे बात करने का मौका मिला और हमने ऐसा किया.’

इसे भी पढ़ें, गावस्कर ने बताई अपने करियर की सबसे मुश्किल पिच, जहां गेंद हवा से बातें करती थीरहाणे के साथ बातचीत के बारे में विस्तार से बताते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘रहाणे के पास इतना अधिक अनुभव है जो उन्होंने हमारे साथ बांटा, हमें टिप्स दिए कि कैसे बल्लेबाजी करनी है, बल्लेबाजी करते हुए क्या रवैया अपनाना है क्योंकि यह लंबा फॉर्मेट है और अपनी पारी को टुकड़ों में कैसे बांटा जाए यह अहम है.’ युवा स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा के टेस्ट पदार्पण की संभावना पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम प्रबंधन को उसके खेल से छेड़छाड़ पसंद नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘शेफाली ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्हें हम हमेशा खिलाना चाहते हैं, वह ऐसी खिलाड़ी हैं जो विरोधी पर दबदबा बना सकती है. हमने कभी उनके खेल से छेड़छाड़ की कोशिश नहीं की क्योंकि वह स्वाभाविक खिलाड़ी हैं, उनके साथ तकनीक या रणनीति के बारे में काफी अधिक बात करना अच्छा विचार नहीं है. हम सभी शेफाली के लिए अच्छी स्थिति तैयार करने का प्रयास करते हैं जिससे कि वह दबाव महसूस ना करे और अपने खेल का लुत्फ उठाए. नेट्स पर वह काफी अच्छी लय में लग रही हैं और उम्मीद करती हूं कि अगर उसे खेलना का मौका मिले तो वह अच्छा प्रदर्शन करे.’

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हरमनप्रीत ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए ब्रिटेन के हालात से जल्द से जल्द सामंजस्य बैठाना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें लाल गेंद से अभ्यास करने का पर्याप्त मौका नहीं मिला. उन्होंने अपने दो टेस्ट में से एक इंग्लैंड में 2014 में खेला था जिसमें भारत ने यादगार जीत दर्ज की थी. इतने लंबे समय के बाद टेस्ट खेलने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘एक बल्लेबाज के रूप में सिर्फ एक ही रवैया है, गेंद को देखो और रिएक्ट करो. मुझे पता है कि मैंने काफी टी20 और वनडे मुकाबले खेले हैं, टेस्ट क्रिकेट खेलने का पर्याप्त अनुभव नहीं है लेकिन मुझे पता है कि यह धैर्य और क्रीज पर जितना अधिक संभव को उतना समय बिताने का खेल है.’

अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी की टीम में भूमिका के बारे में पूछने पर हरमनप्रीत ने कहा, ‘वह ऐसी खिलाड़ी हैं जो हमेशा आगे बढ़कर उदाहरण पेश करती हैं, जब भी हमें जरूरत होती है वह हमें विकेट दिलाती हैं.’ हरमनप्रीत कूकाबूरा गेंद के साथ टेस्ट क्रिकेट खेलने को लेकर भी उत्साहित हैं. उन्होंने कहा, ‘कूकाबूरा गेंद अलग महसूस नहीं होती, गेंद का भार और दोनों हिस्से समान लगते हैं. मुझे लगता है कि कूकाबूरा गेंद के मामले में सफेद और लाल गेंद में अधिक अंतर नहीं है.’

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