धम्म चक्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपना संदेश साझा करेंगे

नयी दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शनिवार सुबह धम्म चक्र दिवस पर अपना संदेश देशवासियों से साझा करेंगे. आषाढ पूर्णिमा के अवसर पर धम्म चक्र दिवस मनाया जाता है. यह दिवस उत्‍तर प्रदेश में वाराणसी के निकट वर्तमान समय के सारनाथ में ऋषिपटन स्थित हिरण उद्यान में आज ही के दिन महात्मा बुद्ध द्वारा अपने प्रथम पांच तपस्वी शिष्यों को दिए गए ‘प्रथम उपदेश’ को ध्‍यान में रखकर मनाया जाता है.

यह दिन दुनिया भर के बौद्धों द्वारा धर्म चक्र प्रवर्तन या ‘धर्म के चक्र के घूमने’ के दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. यह दिन बौद्धों और हिंदुओं दोनों ही के द्वारा अपने-अपने गुरु के प्रति सम्‍मान व्‍यक्‍त करने के लिए ‘गुरु पूर्णिमा’ के रूप में भी मनाया जाता है.

मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘कल सुबह 24 जुलाई को आठ बजे आषाढ-पूर्णिमा धम्म चक्र दिवस कार्यक्रम में संदेश साझा करूंगा.’  पिछले साल प्रधानमंत्री ने इसी अवसर पर अपने संबोधन में बहुत खास बातें कहीं थीं.

यहां पढ़ें प्रधानमंत्री के संबोधन की 10 खास बातें-

1- मोदी ने कहा, ‘आज विश्व असाधारण चुनौतियों से निपट रहा है. इन चुनौतियों का स्थायी समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से मिल सकता है. ये पूर्व में भी प्रासंगिक थे. ये वर्तमान में भी प्रासंगिक हैं और ये भविष्य में भी प्रासंगिक रहेंगे.’ बता दें ‘धम्म चक्र’ दिवस आषाढ़ पूर्णिमा को मनाया जाता है.

2- धम्मचक्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘भगवान बुद्ध के बताए आठ मार्ग कई समाजों और राष्ट्रों के लिए कल्याण का रास्ता दिखाते हैं. यह करुणा और दया के महत्व पर जोर डालता है. भगवान बुद्ध की शिक्षाएं विचार और क्रिया दोनों में सरलता मनाती हैं.’

3- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, बौद्ध धर्म लोगों को आदर करना सिखाता है. लोगों के लिए आदर करना, गरीबों के लिए आदर करना और महिलाओं के लिए आदर करना. शांति और अहिंसा का अदर करना. आज के समय में बुद्ध द्वारा दी गई सीख भी प्रासंगिक है.

4- पीएम मोदी ने कहा, गौतम बुद्ध ने सारनाथ में दिए अपने पहले उपदेश में और बाद के दिनों में भी दो चीजों को लेकर बात की, आशा और उद्देश्य. उन्होंनो इन दोनों के बीच मजबूत लिंक देखा. क्योंकि आशा से ही उद्देश्य पैदा होता है.

5- प्रधानमंत्री ने कहा कि आशा और उद्देश्य के बीच काफी मजबूत कड़ी है, क्योंकि आशा से ही उद्देश्य पैदा होता है. जिस समय दुनिया चुनौती का सामना कर रही है उस वक्त तेज तर्जार युवा मन वैश्विक समस्याओं का हाल लेकर सामने आ रहा है.

6- प्रधानमंत्री ने कहा, मैं अपने युवा दोस्तों से अपील करना चाहूंगा कि वह बुद्ध के विचारों को अपनाएं. इस तरह से वह खुद भी मोटिवेट हों और दूसरों को भी आगे का रास्ता दिखाएं.

7- पीएम मोदी ने कहा कि इस समय विश्व मुश्किल हालात से गुजर रहा है. इन सभी चुनौतियों का सामना और समाधान गौतम बुद्ध के विचारों के साथ किया जा सकता है. बुद्ध के विचार जितने पहले प्रासंगिक थे उतने ही आज भी प्रासंगिक हैं और आगे भी रहेंगे.

8- पीएम ने कहा कि यह करुणा और दया की महत्ता को उजागर करता है. भगवान बुद्ध के उपदेश ‘विचार और कार्य’ दोनों में सरलता की सीख देते हैं.

9- पीएम मोदी ने कहा कि इस समय विश्व मुश्किल हालात से गुजर रहा है. इन सभी चुनौतियों का सामना और समाधान गौतम बुद्ध के विचारों के साथ किया जा सकता है.

10- पीएम मोदी ने कहा, ‘भगवान बुद्ध के बताए आठ मार्ग कई समाजों और राष्ट्रों के लिए कल्याण का रास्ता दिखाते हैं. यह करुणा और दया के महत्व पर जोर डालता है. भगवान बुद्ध की शिक्षाएं विचार और क्रिया दोनों में सरलता मनाती हैं.’

(भाषा इनपुट के साथ)

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