पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए SAIL ने की रिकॉर्ड 48,200 टन स्टील की आपूर्ति, 341 किलोमीटर का सफर ऐसे हुआ आसान

नई दिल्ली. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) के लिए 48,200 टन स्टील (Steel) की आपूर्ति की है. एक दिन पहले ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था. सेल ने अपने बयान में कहा है कि इस विशाल परियोजना के लिए टीएमटी-बार, स्ट्रक्चरल और प्लेट जैसे उत्पादों की आपूर्ति की है. यह 341 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों को आपस में जोड़ रहा है, जिससे प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी और अधिक बेहतर हो गई है.

सेल ने बयान जारी कर कहा है कि देश की घरेलू स्टील जरूरतों को पूरा किया है और देश की उन्नति और विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इससे पहले राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ-साथ ईस्टर्न एंड वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, अटल टनल, बोगीबिल, ढोला-सादिया ब्रिजेज इत्यादि समेत विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण में सेल स्टील का व्यापक रूप से इस्तेमाल हुआ है. इसके साथ ही सेल अपने प्रोडक्ट बास्केट में वैल्यू-एडेड-प्रोडक्ट के अनुपात में लगातार बढ़ोत्तरी के साथ ही अपने उत्पादन में भी लगातार वृद्धि कर रहा है.

ईस्टर्न एंड वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, अटल टनल, बोगीबिल, ढोला-सादिया ब्रिजेज के लिए भी सेल ने स्टील की आपूर्ति की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

341 किलोमीटर सफर हुआ ऐसे आसान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते मंगलवार को ही 340 किलोमीटर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. यह एक्सप्रेसवे प्रमुख शहरों जैसे- वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर और इलाहाबाद को जोड़ेगा. इसकी मदद से तीर्थाटन की स्पीड भी बढ़ेगी. 340.8 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे राज्य की राजधानी लखनऊ से शुरू होगा और पूर्वी यूपी के गाजीपुर में यह खत्म होगा. इसे योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की खास परियोजनाओं में से एक के रूप में गिना जाता है.

परियोजना की कुल लागत 22,494.66 करोड़ रुपये
परियोजना की कुल लागत 22,494.66 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह नया एक्सप्रेस वे श्रद्धालुओं के लिए तीर्थयात्रा में काफी मदद कर सकता है. यह एक्सप्रेस वे अयोध्या और इलाहाबाद तक लोगों की पहुंच आसान बनाएगा. एक्सप्रेस-वे पर चार लाख पेड़ लगाए जा रहे हैं. साथ ही भूगर्भीय परिस्थितियों के अनुसार हर 500 मीटर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंगके पिट्स बनाए जा रहे हैं. इसके साथ ही एक्सप्रेस वे पर इंटरचेंज, फ्लाईओवर, बड़े पुलों, छोटे पुलों और सोलर बैकअप के साथ अंडरपास पर रोशनी की व्यवस्था भी की जा रही है.

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उत्तर प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि इसके खुलने के बाद शुरुआती दिनों में हर दिन 15,000-20,000 वाहन एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे. इसके साथ ही एक्सप्रेसवे का उपयोग भारतीय वायु सेना के विमानों के लिए एक आपातकालीन रनवे के रूप में भी किया जाएगा.

Tags: Purvanchal Expressway, Purvanchal Expressway Inauguration, SAIL, UP news

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