Fact Check: फर्जी है कोरोना को बैक्टीरिया बताने वाला मैसेज, एस्पिरीन से इलाज का दावा झूठा

 

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने व्हाट्स ऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे एक मैसेज को लेकर लोगों को चेताया है. वायरल हो रहे फर्जी मैसेज में कोविड-19 को वायरस (Coronavirus) के बजाय बैक्टीरिया बताया गया है. व्हाट्स ऐप फॉरवर्ड इस मैसेज के बारे में प्रेस इन्फॉर्मेंशन ब्यूरो (PIB) ने अपने फैक्ट चेक में लोगों से इस तरह के किसी भी मैसेज पर विश्वास न करने को कहा है.

फर्जी मैसेज में दावा किया गया है कि सिंगापुर ने कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) के शिकार एक व्यक्ति की ऑटोप्सी की थी, जिसमें पाया गया कि वायरस असल में एक बैक्टीरिया है और इसका इलाज anticoagulants जैसी एस्पिरीन दवा से भी किया जा सकता है. वायरल मैसेज में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में एस्पिरीन (Aspirin) की भूमिका को लेकर एक स्टडी भी चल रही है.

पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने अपने ट्वीट में कहा, ‘एक व्हाट्स ऐप फॉरवर्ड मैसेज में दावा किया गया है कि कोविड-19 वायरस नहीं, बल्कि बैक्टीरिया है और इसका इलाज एस्पिरीन जैसी दवा से भी किया जा सकता है. ये मैसेज फर्जी है और कोविड-19 एक वायरस है, जिसका इलाज एस्पिरीन जैसी दवा से नहीं हो सकता है.’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में देश में कोरोना वायरस के 37,875 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 369 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई है. वहीं टीकाकरण अभियान में मंगलवार तक देश में 70 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की खुराक लोगों को दी गई है. मंत्रालय के अनुसार पिछले 13 दिनों में वैक्सीन की 10 करोड़ डोज लोगों को दी गई है.

बता दें कि देश में 16 जनवरी 2021 से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है, और इसके पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले वैक्सीन की डोज दी गई थी.

 

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