Farmer Protest: अनिल कुंबले बोले-भारत अपने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने में सक्षम– News18 Hindi

नई दिल्ली. दिल्ली की सीमाओं पर पिछले ढाई महीने से किसान नए कृषि कानून को रद्द करने की मांग करने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इस आंदोलन को अब अंतरराष्ट्रीय हस्तियों का भी समर्थन मिल रहा है. पॉप स्टार रिहाना, स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस की भांजी मीना हैरिस और कई अन्य प्रमुख लोगों ने भारत सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के समर्थन में ट्विटर पर अपनी आवाज उठाई है. भारत सरकार ने विदेशी हस्तियों के टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ट्विटर पर इंडिया अगेंस्ट प्रोपगेंडा (#IndiaAgainstPropaganda) और इंडिया टूगेदर (IndiaTogether) ट्रेंड कर रहा है. किसान आंदोलन पर सचिन तेंदुलकर के बाद पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. कुंबले ने कहा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत अपने आंतरिक मुद्दों को सौहार्दपूर्ण समाधानों तक ले जाने में सक्षम है.

इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया, ‘भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है. बाहरी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं. भारतीय भारत को जानते हैं और भारत के लिए फैसला करना चाहिए. आइए एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहें.’

टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने ट्वीट किया, ‘कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का बहुत महत्वपूर्ण अंग है. किसान किसी भी किसी भी देश के इकोसिस्टम की रीढ़ की हड्डी हैं. यह एक आंतरिक मामला है. मुझे पूरा भरोसा है कि यह मामला बातचीत से सुलझा लिया जाएगा.’

भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मुझे विश्वास है कि यह मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. हमें अपने आंतरिक मामलों में किसी बाहरी व्यक्ति के दखल की आवश्यकता नहीं है. मेरा देश हमारे किसानों पर गर्व करता है और जानता है कि वे कितना महत्वपूर्ण हैं.’

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अमित शाह बोले-दुष्प्रचार भारत की एकता को नहीं डिगा सकता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कोई भी दुष्प्रचार भारत की एकता को ना तो डिगा सकता है और ना ही देश को नयी ऊंचाइयां छूने से रोक सकता है. वहीं विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कुछ निहित स्वार्थी समूह प्रदर्शनों पर अपना एजेंडा थोपने का प्रयास कर रहे हैं. संसद में पूरी चर्चा के बाद पारित कृषि सुधारों के बारे में देश के कुछ हिस्सों में किसानों के बहुत ही छोटे वर्ग को कुछ आपत्तियां हैं. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘खासतौर पर मशहूर हस्तियों एवं अन्य द्वारा सोशल मीडिया पर हैशटैग और टिप्पणियों को सनसनीखेज बनाने की ललक न तो सही है और न ही जिम्मेदाराना है.’

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