Happy Birthday Amol Palekar: कभी क्लर्क की नौकरी किया करते थे ये दिग्गज अभिनेता, गर्लफ्रेंड के चक्कर में बन गए एक्टर

24 नवंबर 1944 को जन्मे अमोल पालेकर हिंदी के अलावा मराठी फिल्मों में भी काफी सक्रीय थे (Photo: सोशल मीडिया)

Happy Birthday Amol Palekar: 24 नवंबर 1944 को जन्मे अमोल पालेकर (Amol Palekar) हिंदी के अलावा मराठी फिल्मों में भी काफी सक्रीय थे. अपने संजीदा और कॉमेडी रोल में अमोल पालेकर ने ऐसे-ऐसे किरदार सिनेमा को दिए हैं जिनको फिर से रिक्रीएट करना नामुमकिन है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 24, 2020, 3:30 PM IST

70 और 80 का दशक. राजनीतिक पटल पर जब देश इमरजेंसी और उसके दिए हुए घावों को भर रहा था. आर्थिक तौर पर जब एशिया के बड़े देशों के मुकाबले अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश चल रही थी. क्रिकेट की चुनौतियों से जूझकर जब विश्व विजेता के तौर पर देश की ताजपोशी हो रही थी और जब बड़े पर्दे पर ‘फेंके हुए पैसों को ना उठाकर’ अमिताभ बच्चन आधी आबादी को दीवाना बना रहे थे, तब चिपके हुए बालों और मूछों के ‘गोलमाल’ में फंसाकर, एक साधारण सा व्यक्ति ‘बातों-बातों में’ दर्शकों के ‘घरोंदे’ में आहिस्ता से घुसता जा रहा था. देखा जाए तो ‘बात छोटी सी ही थी’ मगर इस अभिनेता ने जब उन छोटी-छोटी बातों को बड़े पर्दे पर दिखाया तो शीर्ष पर बैठे दिग्गज अभिनेताओं का भी आसन डगमगाने लगा था!

बेलबॉटम नुमा लंबी पतलूनों के दौर में वो कहता था कि ‘लंबे कपड़े पहनना बहुत हानिकारक फैशन है!’ देश के राजनीतिक उथल-पुथल के बीच वो अपने मजाकिया स्वभाव में ये कहने का साहस रखता था कि ‘कौन कम्बख्त कहता है कि हिटलर मर गया!’ और 10 गुंडों को एक घूंसे से मार गिरा देने वाले अभिनेताओं के बीच वो ऐसा अभिनेता था जो मामूली सा बैंक कर्मचारी या एक छोटे से ऑफिस में काम करने वाला क्लर्क बन जाता था. हम बात कर रहे हैं अभिनेता अमोल पालेकर (Amol Palekar) की, वो आम आदमी जो बेहद खास रहते हुए भी आम इंसान का चेहरा बना रहा और उसी सादगी के साथ करोड़ों दिलों पर राज करता रहा.

Amol Palekar

फोटो: सोशल मीडिया

फिल्मों में आने से पहले किया बैंक में काम24 नवंबर 1944 को जन्मे अमोल पालेकर हिंदी के अलावा मराठी फिल्मों में भी काफी सक्रीय थे. अपने संजीदा और कॉमेडी रोल में अमोल पालेकर ने ऐसे-ऐसे किरदार सिनेमा को दिए हैं जिनको फिर से रिक्रीएट करना नामुमकिन है. ‘गोलमाल’ फिल्म में उनका किरदार, रामप्रसाद दशरथप्रसाद शर्मा, आज भी लोगों के जहन में कैद है. मगर कम ही लोग जानते होंगे कि अभिनय और निर्देशन के क्षेत्र में आने से पहले वो एक बैंक में काम करते थे. वो बैंक ऑफ इंडिया में लंबे वक्त तक नियुक्त थे. अमोल पालेकर को पेंटिंग का भी बहुत शौक था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक पेंटर के तौर पर की. उन्होंने जे जे स्कूल ऑफ आर्ट से पढ़ाई की और आर्ट के क्षेत्र में सक्रीय रहे. अमोल पालेकर बताते हैं कि पेंटिंग उनका पहला प्यार है. 2014 से वो फिर पेंटिंग के क्षेत्र से जुड़ गए हैं. उनका कहना है कि उनकी दिन की शुरुआत रंग और खुशबू से होती है.

गर्लफ्रेंड के कारण बन गए एक्टर
अमोल पालेकर की गर्लफ्रेंड चित्रा, जो उनकी छोटी बहन की क्लासमेट थीं, ने उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए प्रेरित किया. दोनों की रुचि थिएटर और पेंटिंग में थी जिसके कारण दोनों एक दूसरे के नजदीक आते गए. चित्रा एक थिएटर आर्टिस्ट थीं और अमोल उनकी रिहर्सल में जाते थे. वहीं उनकी मुलाकात लेखक और निर्देशक सत्यदेव दुबे से हुई जिन्होंने अमोल पालेकर को सिनेमा में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित किया.

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