Havana Syndrome: जानें क्या है हवाना सिंड्रोम जो अमेरिका के लिए बना खतरा, वैज्ञानिकों को इस बात का डर

नई दिल्‍ली:  हवाना सिंड्राम (Havana Syndrome) अमेरिका के लिए एक पहेली बन गया है. पिछले दिनों भारत आए एक खुफिया एजेंसी के अधिकारी में इसके लक्षण देखे गए थे. न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक महीने में ऐसा दूसरी बार है, जब अमेरिका के दो प्रमुख अधिकारियों में हवाना सिंड्रोम के लक्षण देखे गए हैं.

खुफिया एजेंसी के जिस अधिकारी में ये लक्षण नजर आए हैं, वो सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के डायरेक्‍टर विलियम बर्न्‍स के साथ भारत आए थे. अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस को भी अपना वियतनाम दौरा इस वजह से कुछ समय के लिए टालना पड़ा था.

क्या है हवाना सिंड्रोम?

इसकी शुरुआत करीब पांच साल पहले 2016 में क्‍यूबा की राजधानी हवाना से हुई थी. यहां अमेरिकी दूतावास में तैनात अधिकारी एक-एक करके बीमार पड़ने लगे.  मरीजों को अजीब सी आवाजें सुनाई देने लगीं और शरीर में अजीब सी सेंसेशन महसूस हुई. इसे ही ‘हवाना सिंड्रोम’ नाम दिया गया.

सीआईए अधिकारियों में ऐसे मामले देखे गए थे, इसलिए इसे सीक्रेट रखा गया. अब तक करीब 200 अमेरिकी अधिकारियों और उनके फैमिली मेंबर्स को ‘हवाना सिंड्रोम’ हो चुका है और ये लगातार फैल रहा है.

हवाना सिंड्रोम के लक्षण

सिर के अंदर तेज दबाव या वाइब्रेशन

देखने में परेशानी

जी मिचलाना

लड़खड़ाना

टिनिटिस (कान में सीटियां बजना), सुनने की क्षमता कम होना

याददाश्त पर असर

सिरदर्द

ध्यान एक जगह न रख पाना

नींद की समस्या

डिप्रेशन

कैसे होता है?

अमेरिका की नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इस पर रिसर्च की है और वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसा हो सकता है कि ‘डायरेक्‍टेड, पल्‍सड रेडियो फ्रीक्‍वेंसी एनर्जी’ से यह सिंड्रोम होता हो.

सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्‍स ने कहा है कि ऐसा संभव है कि यह सिंड्रोम इलेक्‍ट्रॉनिक हथियारों से किया गया हमला हो और इंसानों के नियंत्रण में हो. विलियम बर्न्‍स ने आशंका जताई कि इसके पीछे रूस का हाथ हो सकता है. 

अमेरिका के ज्‍यादातर अधिकारी भी ऐसा ही मानते हैं, लेकिन अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है.

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राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

अमेरिका की राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए इसे बड़ा खतरा माना जा रहा है. अमेरिकी रक्षा विभाग को लगता है कि रूस इन हमलों के पीछे है और जब कमला हैरिस का वियतनाम दौरा टला तो पूर्व सीआईए ऑपरेटिव ने कहा था कि ऐसे हमले लगातार बढ़ रहे हैं. वो खुद इस सिंड्रोम का शिकार हुए थे.

सीआईए के कई अधिकारियों का मानना है कि ताजा घटना के जरिए बर्न्‍स को यह सीधा संदेश दिया गया कि कोई भी सुरक्षित नहीं है.

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