Indian Railways में जॉब द‍िलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जी IAS दबोचा

नई दिल्ली. दिल्ली पुल‍िस (Delhi Police) की आर्थिक अपराध शाखा (Economic offence wing) ने एक ऐसी फर्जी आईएएस (IAS officer) को अरेस्‍ट क‍िया जोक‍ि लोगों को भारतीय रेलवे (Indian Railways) में नौकरी द‍िलाने के नाम पर ठगी करता था. फर्जी आईएएस की पहचान सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा के मोहम्मद रघिब फिरोज (43) के रूप में हुई है. फर्जी तरीके से नौकरी द‍िलाने के मामले में पहले भी दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अब तक कुल 40 लोगों से कुल 2.44 करोड़ की ठगी की गई है.

बताते चलें क‍ि इस मामले में ज‍िन लोगों के साथ ठगी की गई वो गांवों के बेहद गरीब पर‍िवार से संबंध रखते हैं ज‍िनमें आगरा, हाथरस और पटना के गांव प्रमुख रूप से शाम‍िल हैं. ग‍िरफ्तार दोनों आरोप‍ियों में ब्र‍िज क‍िशोर और सच‍िन कुमार शाम‍िल हैं.

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ईओडब्‍लू के अत‍िर‍िक्‍त उपायुक्‍त नई द‍िल्‍ली आर के स‍िंह ने बताया क‍ि आरोपियों के खिलाफ दी गई श‍िकायत में पीड़ितों ने बताया कि रेलवे में जॉब दिलाने के नाम पर उनसे पैसों की ठगी की गई. इतना नहीं फर्जी तरीके से नौकरी द‍िलाने वालों ने उनका फर्जी मेडिकल तक कराया और उन्हें अपॉइंटमेंट सह ट्रेनिंग लेटर तक जारी क‍िए गए थे. देहरादून में तीन महीनों की फर्जी जॉब ट्रेनिंग (Bogus Job Training) भी दिलाई गई.

ट्रेनिंग के बाद जब वो ज्‍वाइन‍िंग के लिए डीआरएम ऑफिस, टाटा नगर, जमशेदपुर (Tata Nagar, Jamshedpur) पहुंचे तो पता चला कि रेलवे ने ऐसी कोई वैकेंसी निकाली ही नहीं और न ही उन्हें रेलवे की तरफ से कोई ट्रेनिंग दिलाई गई. ठगी का पता चलने पर पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत की जिसके बाद पुलिस टीम को मामले की जांच में लगाया गया.

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अत‍िर‍िक्‍त उपायुक्‍त नई द‍िल्‍ली स‍िंह ने बताया क‍ि पीड़ितों के पास आरोपियों के नाम और मोबाइल नम्बर के अलावा और कोई भी जानकारी नहीं थी. आरोपी हमेशा उनसे पहाड़गंज के होटल में मिले थे या फिर दिल्ली के रेलवे भवन (Railway Bhawan) के बाहर, पीड़ितों को झांसे में लेने के लिए एक आरोपी ने खुद को सीनियर आईएएस ऑफिसर के रूप में पेश किया था. लोगों से ठगी के लिए और उनको भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, मेडिकल और ट्रेनिंग तक अरेंज किया.

आरोपी की तलाश में जुटी एसआई लखन सिंह, हेड कॉन्स्टेबल धनवीर और कॉन्स्टेबल बीर सिंह की टीम ने मिली जानकारी और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी को छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में आगे की जांच जारी है.

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