Jharkhand news: बिना प्रैक्टिस के ही सीनियर राष्ट्रीय आर्चरी चैंपियनशिप में उतरेंगे झाखंड के तीरंदाज, ये है वजह

रांची. सीनियर राष्ट्रीय आर्चरी चैंपियनशिप (Senior National Archery Championship) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. जमशेदपुर में 1 से 10 अक्टूबर के बीच होने वाले इस सबसे बड़े राष्ट्रीय चैंपियनशिप को लेकर हमारे तीरंदाज कितने तैयार हैं, यह वास्तव में एक बड़ा सवाल है. दरअसल  पिछले डेढ़ साल से तमाम सरकारी आर्चरी सेंटर बंद होने की वजह से खिलाड़ियों का अभ्यास भगवान भरोसे है. साथ ही सेंटर भी जंगल में तब्दील हो चुके हैं. 1 से 10 अक्टूबर के बीच जमशेदपुर (Jamshedpur0 में होने वाले  इस आयोजन से पहले राज्य के तीरंदाज 16 और 18 सितंबर को सिल्ली और जमशेदपुर में ट्रायल का सामना करेंगे. इसी ट्रायल के आधार पर झारखंड की कुल 24 तीरंदाजों की टीम सीनियर राष्ट्रीय आर्चरी चैंपियनशिप में अपना वर्चस्व दिखाने की कोशिश करेगी. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण के कारण राज्यभर के सभी 9 सरकारी तीरंदाजी सेंटर बंद हैं.

हाल ये है कि तीरंदाजी सेंटर अब पूरी तरह जंगल में तब्दील हो चुके हैं. दूर-दराज के इलाकों में रहनेवाले तीरंदाजों ने अभी तक अभ्यास का मुंह तक नहीं देखा है. रांची के होटवार में मौजूद एकलव्य आर्चरी सेंटर जिसे एक्सीलेंस सेंटर माना जाता है. वहां की बदतर हालत तीरंदाजी की पूरी कहानी बयां करने के लिए काफी है. अंतरराष्ट्रीय कोच डी. साईश्वरी बताती हैं कि सीनियर राष्ट्रीय आर्चरी चैंपियनशिप में देशभर के तीरंदाजों के बीच झाऱखंड का दबदबा रहेगा. क्योंकि झारखंड के पास दीपिका, कोमोलिका और मधुमिता समेत कई अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाज हैं. लेकिन अन्य तीरंदाज कितना सफल हो पाएंगे. उसमें संदेह है. राष्ट्रीय कोच करण कर्मकार की मानें तो तीरंदाज अभी तक योग, मानसिक फिटनेस का ही अभ्यास घर बैठे कर रहे हैं. ऐसे में जब राष्ट्रीय चैंपियनशिप में निशाना साधना होगा. तब बिना प्रैक्टिस के काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

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दरअसल अगले महीने जमशेदपुर में शुरू हो रहे सीनियर राष्ट्रीय आर्चरी चैंपियनशिप में झारखंड की टीम में कौन से तीरंदाज शामिल होंगे. उसको लेकर 16 और 18  सितंबर को सिल्ली और जमशेदपुर में ट्रायल शुरू होने जा रहा है. इसमें अलग-अलग कुल तीन डिविजन के लिए ट्रायल होगा. जिसमें कंपाउंड डिविजन में 36, रिकर्व में 36 और इंडियन डिविजन में भी 36 खिलाड़ी ट्रायल फेस करेंगे. इसमें सभी तीन डिविजन में प्रदर्शन के आधार पर 8-8 तीरंदाजों का चयन होगा. इस तरह कुल 24 तीरंदाजों की टीम राज्य के लिए पदक जीतने का दम लगायेगी. ट्रायल में भाग लेने वाले सभी तीन डिविजन के तीरंदाजों की घोषणा कर दी गयी है.  हालांकि ट्रायल की जगह को लेकर भी बदलाव की बात कही जा रही है.

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दूसरी ओर दीपिका, कोमोलिका, मधुमिता, अंकिता जैसे तीरंदाज अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने के कारण जरूर लय में हैं. लेकिन इनके बाद की पीढ़ी की प्रतिभा बगैर अभ्यास के राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कितना कमाल दिखा पाएगी? इसका जवाब शायद तीरंदाजी के टारगेट ही बता पाएगा. झारखंड में कोरोना के कारण डेढ़ साल से बंद कुल 9 सरकारी आर्चरी सेंटर्स में ज्यादातर की हालत फिलहाल प्रैक्टिस के लायक नहीं है. सिर्फ रांची के खेलगांव में मौजूद जेएसएसपीएस में ही सब जूनियर और जूनियर स्तर के तीरंदाज प्रैक्टिस कर पा रहे हैं. रांची के होटवार में मौजूद एकलव्य आर्चरी सेंटर जिसे राज्य का एक्सीलेंस सेंटर माना जाता है. वह तीरंदाजी के सरकारी कनेक्शन को बताने के लिए काफी है.

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