Jharkhand News: संभलकर चलें! रामगढ़-हजारीबाग फोर लेन पर है घुमावदार मोड़ के साथ तीखी ढलान, कई गंवा चुके जान

रामगढ़. वर्ष 2011 में बन कर तैयार हुआ रांची-रामगढ-हजारीबाग फोर लेन (Ramgarh-Hazaribagh four lane) (एक्सप्रेस वे) लोगों की जिंदगी को लील रहा है. रामगढ़ के लालकी घाटी, चुटुपालू से लेकर मायाटुंगरी, पटेल चौक तक सड़क काफी खतरनाक है. प्रतिदिन इन स्थानों पर दुर्घटना की खबरें आम हैं. निर्माण के बाद से सैकड़ों की जान जा चुकी है. कई महिलाएं विधवा हो चुकी हैं, बच्चे अनाथ हो गए हैं और कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं. सड़क के निर्माण में डिजाइन की खामी को सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है. कई घुमावदार मोड़ और अचानक ढलान के कारण भारी वाहनों के ब्रेक नहीं लगते हैं, जिसके कारण दुर्घटना घट जाती है. मंगलवार और शुक्रवार को इसी तरह के दुर्घटना का शिकार एक ही परिवार के दो नौजवानों को हो कर जान गंवानी पड़ी. जबकि शुक्रवार के घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल होकर जिन्दगी और मौत से जूझ रहे हैं.

बता दें कि सैनी होटल से पटेल चौक के आगे तक ओवर ब्रिज का निर्माण 20 करोड़ के लागत से कराया जा रहा है. इसका निर्माण घनी आबादी को दुर्घटना से बचाने को लेकर कराया जा रहा है. लगभग 1 किलोमीटर लंबे ओवर ब्रिज और व्हीकल अंडर पास बनाने का काम काफी धीमी गति से हो रहा है. इसका निर्माण पूरा करने का समय जनवरी 2022 निर्धारित किया गया है, लेकिन कार्य के धीमी गति को देख कर ऐसा होता दिख नहीं रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि लाइफ लाइन के जगह फोरलेन सड़क लोगों की जिंदगियों को रोजाना लील रहा है, और इसके लिए एनएचएआई जिम्मेवार है.

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सड़क निर्माण में गलत डिजाइन और दोषपूर्ण एलाइनमेंट की वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं. कई ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, लेकिन इन्हें सुधारने पर काम सही से नहीं किया गया. सुधार के नाम पर गाड़ियों के स्पीड को कम करने के लिए कई जगह स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं जो दुर्घटना के सबब बन गए हैं. कई मोड़ 90 डिग्री के कोण पर बने हैं, इसके कारण भारी वाहनों का एकाएक ब्रेक नहीं लगता है और वे दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं. ग्रामीण ओवर ब्रिज का निर्माण जल्द चाहते हैं, ताकि लोगों की जिंदगियों को बचाया जा सके.

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तत्कालीन उपायुक्त राजेश्वरी बी के समय घाटी में मोड़ को सीधा करने का काम किया था, लेकिन वो कारगर साबित नहीं हुआ. मुरामकला की पूर्व मुखिया अर्चना पूरे दुर्घटना के लिए गलत डिजाइन और एलाइनमेंट को कारण बताते हुए एनएचआई को दोषी बताती हैं. उनकी मांग है कि युद्ध स्तर पर फ्लाईओवर और व्हीकल अंडर पास को बनाया जाये ताकि दूसरी जिंदगियों को बचाया जा सके. (रिपोर्ट- जावेद खान)

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