On this Day: शारजाह में आया था सचिन का ‘तूफान’, मास्टर ब्लास्टर की पारी जिसने कंगारू टीम में भर दी थी दहशत

सचिन तेंदुलकर ने शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 143 रन की पारी खेली थी.
(sachintendulkar/Instagram)

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) संभलकर शुरुआत करने के लिए जाने जाते थे, लेकिन शारजाह के इस मैच में उन्होंने क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों पर धावा बोल दिया था.

नई दिल्ली. साल 1998…दिन 22 अप्रैल, विरोधी ऑस्ट्रेलिया और लक्ष्य कोका कोला कप के फाइनल में पहुंचना. यूं तो मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपने करियर में कई बेमिसाल पारियां खेली हैं, लेकिन आज ही के दिन 1998 में उनके बल्ले से एक ऐसा शतक निकला था, जिसे शायद की कोई भारतीय क्रिकेट फैन भूल पाएगा. उस मैच में शारजाह (Sachin Tendulkar Sharjah 143 Runs) के मैदान पर जैसे सचिन का तूफान आ गया था. सचिन तेंदुलकर ने मजबूत ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ 131 गेंदों में 143 रन ठोके थे और अपनी इस शतकीय पारी में उन्होंने 9 चौके और 5 छक्के लगाए थे. टीम इंडिया ये मैच 25 रनों से हार गई थी लेकिन सचिन की इस पारी की बदौलत वो नेट रन रेट के आधार पर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही और 3 दिन बाद उसने ये सीरीज भी जीती.

शारजाह में सचिन का जलवा
कोका कोला कप (Coca-Cola Cup 1998) में भारत और ऑस्ट्रेलिया के अलावा तीसरी टीम न्यूजीलैंड थी. ये त्रिकोणीय सीरीज का आखिरी लीग मैच था और भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए या तो ये मैच जीतना था या फिर उसे किसी तरह न्यूजीलैंड से अच्छा नेट रनरेट करना था. ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी कर 50 ओवरों में 7 विकेट पर 284 रनों का विशाल स्कोर बनाया, इसके बाद शारजाह में रेत का तूफान आया और डकवर्थ लुइस नियम के मुताबिक भारत को 46 ओवर में 276 रनों का लक्ष्य मिला और उसे फाइनल में क्वालिफाई करने के लिए 237 रन बनाने थे.

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सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) संभलकर शुरुआत करने के लिए जाने जाते थे, लेकिन शारजाह के इस मैच में उन्होंने क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों पर धावा बोल दिया. सचिन ने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज माइकल कास्प्रोविज की जमकर खबर ली. उन्होंने दो छक्के और 3 चौकों की मदद से सिर्फ 57 गेंदों में अर्धशतक जमा दिया. पचासा लगाने के बाद सचिन और खतरनाक हो गए और उन्होंने कंगारू गेंदबाजों को मनमाने तरीके से पीटा. सचिन ने 111 गेंदों में अपना शतक लगाया और भारत ने 42.4 ओवरों में ही 238 रन बनाकर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया.

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भारत को क्वालिफाई कराने के बाद सचिन का
अगला लक्ष्य भारत को जीत दिलाना था लेकिन 43वें ओवर की आखिरी गेंद पर उन्हें डेमियन फ्लेमिंग ने आउट कर दिया. गजब की बात ये है कि इस पारी में अंपायर ने सचिन (Sachin Tendulkar) को आउट भी नहीं दिया था लेकिन उन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए अंपायर के फैसले का इंतजार नहीं किया और वो पैवेलियन की ओर चल दिए.

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साल 1998 रहा सचिन के लिए बेहद स्पेशल
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने सिर्फ इस मैच में नहीं बल्कि उन्होंने फाइनल मैच में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक ठोक भारत को चैंपियन बनाया. साल 1998 में सचिन के बल्ले ने शतकों की बारिश सी कर दी थी. सचिन ने 1998 में 12 शतक लगाए, जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. विराट कोहली इस रिकॉर्ड के करीब दो बार पहुंचे हैं, उन्होंने साल 2017 और 2018 में 11-11 शतक लगाए हैं लेकिन वो सचिन को पछाड़ नहीं सके. रिकी पॉन्टिंग ने भी 2003 में 11 शतक लगाए थे.





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